खट्टा- मीठा , प्यारा -प्यारा
कभी लड़ते, तो कभी झगड़ते ..
एक - दूजे की चीजे भी छुपा देते है..
मम्मी - पापा की नाराजगी से बचने के लिए..
एक दूजे पर इल्जाम भी लगा देते है..
पर जब बारी आती है साथ देने की
तो हमेशा भाई को साथ पाती हूँ
मेरे जीवन के हर छोटे - बड़े
अहं फैसले में भाई ने साथ निभाया है..
हर कदम पर कुछ नया करने की आदत है मुझे..
रुकते नहीं कदम मेरे
पर मेरे कदमों की गति को
भाई ने ही तो बढ़ाया है...
मेरी हर अमूर्त कल्पना को
भाई ने ही मूर्त बनाया है..
जीती थी कल्पनाओं की दुनिया में
उसे भाई ने ही तो हकीकत बनाया है..
कुछ शर्ते ,, कुछ पाबंदी भी रहती है उसकी
पर इनमे झलकता है उसका प्यार
मेरी फिक्र जो करता है वो..
कच्ची डोर का पक्का रिश्ता
है भाई - बहन का रिश्ता
खट्टा- मीठा , प्यारा -प्यारा
- ~Reena Maurya By ~Aanjana Parivar Times

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