Skip to main content

अनमोल वचन

1) आपके पास किसी की निन्दा करने वाला, किसी के पास तुम्हारी निन्दा करने वाला होगा।
2) कष्ट सहन करने का अभ्यास जीवन की सफलता का परम सुत्र है।
3) जिसके पास उम्मीद हैं, वह लाख बार हारकर भी नहीं हारता।
4) गलती कर देना मामूली बात है, पर उसे स्वीकार कर लेना बड़ी बात है।
5) शर्म की अमीरी से इज्जत की गरीबी अच्छी है।
6) सच्चा प्रयास कभी निष्फल नहीं होता।
7) स्वयं को स्वार्थ, संकोच और अंधविश्वास के डिब्बे से बाहर निकालिए, आपके लिए ज्ञान और विकास के नित-नवीन द्वार खुलते जाएँगे।
8) सुख और आनन्द ऐसे इत्र हैं... जिन्हें जितना अधिक दूसरों पर छिड़केंगे, उतनी ही सुगन्ध आपके भीतर समायेगी।
9) जीवन संध्या तरफ जाते हुए डरना मत, मृत्यु तो दिन के बाद रात का आराम है।
10) छोटा सा समाधान बड़ी लड़ाई समाप्त कर देता हैं, पर छोटी सी गलत फहमी बड़ी लड़ाई पैदा कर देती हैं। मन में घर कर चुकी गलतफहमियों को निकालें और समाधान का हिस्सा बनें।
11) संगीत की सरगम हैं माँ, प्रभु का पूजन हैं माँ, रहना सदा सेवा में माँ के, क्योंकि प्रभु का दर्शन हैं माँ ।
12) नाशवान में मोह होता हैं, अविनाशी में प्रेम होता हैं।
13) लेने की इच्छा वाला साधक नहीं हो सकता है।
14) अपने सुख को रेती में मिला दे तो खेती हो जायेगी।
15) ममता रखने से वस्तुओं का सदुपयोग नहीं हो सकता है।
16) केवल ‘तू’ और ‘तेरा’ हैं, ‘मैं’ और ‘मेरा’ हैं ही नहीं।
17) अभिमान अविवेकी को होता हैं, विवेकी को नहीं।
18) वस्तुएँ काम में लेने के लिए हैं, ममता करने के लिए नही।
19) मनुष्य योनि साधन योनि है।
20) कर्मयोग है-संसार में रहने की बढि़या रीति।
                         
                                  सम्पादक - रतन चौधरी बरलुट ... मो: 99 82 276555 

Comments

Popular posts from this blog

श्री किशनाराम जी महाराज

           जीवन-परिचय   महंत श्री श्री १००८ संत शिरोमणि श्री किशनाराम जी महाराज शिकारपुरा (लूनी) पीठाधीश महंत श्री किशनाराम जी महाराज का ननिहाल रोहिचा (कल्ला) में भाखररामजी कुरड के यंहा माता श्रीमती चुन्नीबाई की कोख से दिनांक 20 अक्टूम्बर, १९३० को जन्म हुआ |     किशनारामजी के पिताजी का नाम वजारामजी ओड सुपुत्र श्री विरमारामजी हैं जो (लूनी) के रहने वाले हैं |     सात वर्ष की अवस्था में किशानारामजी के स्वास्थ्य में दिनोदिन गिरावट आती गयी, इस कारण वजारामजी किशनारामजी को शिकारपुरा आश्रम लेकर जाते और समाधी की परिक्रमा देकर वापस घर लोट आते, इसी बिच वजारामजी की भेंट महंत श्री देवारामजी महाराज के साथ हुयी, जिन्होंने किशनारामजी को अपने सानिध्य में रखने की इच्छा जाहिर की, तब वजारामजी ने अपने परिवार वालो से सलाह-मशविरा करके देवारामजी महाराज के सानिध्य में शिकारपुरा आश्रम को सुदुर्प कर दिया|     फिर देवारामजी महाराज के सानिध्य में किशनारामजी की प्राथमिक शिक्षा आरम्भ हुयी तथा साथ ही धर्म और समाज सम्बन्धी जानका...

श्री दयाराम जी महाराज

जीवन -परिचय  महंत श्री दयाराम जी महाराज के बचपन का नाम डायाराम था| पाली  जिले की तहसील रोहट के गॉंव रेवडा खुर्द में पिता श्री अणदाराम जी भूरिया (सुपुत्र श्री रावताराम जी भूरिया) एवं माता श्रीमती हरकू देवी (सुपुत्री श्री हंसाराम जी काग रेवडा कला) के सुपुत्र श्री डायाराम का जन्म ज्येष्ठ शुल्का द्वितीय विक्रम संवत २०२५ को आपके ननिहाल रेवडा कला में हुआ| आपके दो भाई श्री मेहराराम  एवं श्री मोटाराम एवं तीन बहिने गजरीदेवी, गवरीदेवी एवं पानीदेवी हैं| शिकारपुरा आगमन एवं शिक्षा दीक्षा श्री दयाराम जी महाराज दिनांक १ जुलाई १९७९ को आश्रम आ गए| उस समय महंत श्री देवाराम जी महाराज भक्ति में लीन थे एवं श्री किशनाराम जी महाराज समाज सेवा में व्यस्थ थे| श्री दयाराम जी के पिताजी श्री अणदाराम जी भूरिया द्वारा महंत श्री देवाराम को दिए गए वचन को पूरा करने के उद्धेस्य से ही श्री दयाराम जी को साधुत्व स्वीकार करना पड़ा|

गुजरात सरपंच चुनाव परिणाम

गुजरात सरपंच चुनाव परिणाम :- 1 बनासकांठा जिला वाव तह, बालुगी पंचायत से माधाभाई चौधरी 2 बनासकांठा जिला डीसा तह., कुङा पंचायत से जोधाभाई चौधरी 3 बनासकांठा जिला डीसा तह., लिम्बाऊ पंचायत से हमीरभाई चौधरी 4बनासकांठा जिला डीसा तह., रोबस पंचायत से सेमुबेन चौधरी 5 बनासकांठा जिला धानेरा तह., राजोङा पंचायत से प्रेमाजी पटेल 6 बनासकांठा जिला थराद तह., खोङा पंचायत से पुनमाभाई चौधरी 7 बनासकांठा जिला थराद तह., लुवाणा पंचायत से नानजीभाई चौधरी 8 बनासकांठा जिला थराद तह., दीपड़ा पंचायत से पटेल बिदलाभाई 9 बनासकांठा जिला थराद तह., थरा पंचायत से पर्वतीबेन चौधरी 10 बनासकांठा जिला थराद तह., अन्तरोल पंचायत से वरजांग भाई 11 बनासकांठा जिला थराद तह., वातराऊ पंचायत से सोभाबेन 12 बनासकांठा जिला थराद तह., कासवी पंचायत से शामलाभाई 13 बनासकांठा जिला डीसा तह., जावल पंचायत से डामरा भाई 14 बनासकांठा जिला थराद तह., रतनपुरा पंचायत से विरमा जी 15 बनासकांठा जिला बड़गाम तह., पसवादल पंचायत से लालजी चौधरी 16 गांधीनगर जिला मानसा तह., बापुपुरा पंचायत से P R चौधरी 17 गांधीनगर जिला कलोल तह., अमजा पंचायत से अम्बाला...